नई आशाओं और नए सपनों के साथ पूरे धूम-धाम से साल 2016 का आगाज हो गया है.
देश में आधी रात से लोगों ने जश्न मना इस नए साल का स्वागत किया. कहीं
रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन हुआ, तो कहीं अनाथ बच्चों के साथ खुशियां मनाई
गईं और पूरा हिंदुस्तान नए साल के रंग में रंग गया. वहीं वाराणसी में नए
साल के पहले दिन की शुरुआत धार्मिक तरीके से की गई.
नए साल के स्वागत का धार्मिक अंदाज
धार्मिक नगरी वाराणसी में नए साल की पहली सुबह नई ऊर्जा लेकर आई. नए साल की पहली सुबह वाराणसी के अस्सी घाट पर विशेष गंगा आरती की गई, इसके साथ ही यज्ञ हवन कर भगवान भास्कर से पूरे साल की सुख समृद्धि की प्रार्थना की गई.
गंगा आरती के बाद हुआ यज्ञ
सुबह पहले गंगा आरती हुई, फिर यज्ञ कर अग्नि की आहूति के साथ नव वर्ष की पहली सुबह का स्वागत किया गया. गंगा आरती और यज्ञ में विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए. वाराणसी के पंडा लक्ष्मी नारायण मिश्र ने बताया कि गंगा की पूजा कर सूर्य का आह्वान किया गया.
नए साल के स्वागत का धार्मिक अंदाज
धार्मिक नगरी वाराणसी में नए साल की पहली सुबह नई ऊर्जा लेकर आई. नए साल की पहली सुबह वाराणसी के अस्सी घाट पर विशेष गंगा आरती की गई, इसके साथ ही यज्ञ हवन कर भगवान भास्कर से पूरे साल की सुख समृद्धि की प्रार्थना की गई.
गंगा आरती के बाद हुआ यज्ञ
सुबह पहले गंगा आरती हुई, फिर यज्ञ कर अग्नि की आहूति के साथ नव वर्ष की पहली सुबह का स्वागत किया गया. गंगा आरती और यज्ञ में विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए. वाराणसी के पंडा लक्ष्मी नारायण मिश्र ने बताया कि गंगा की पूजा कर सूर्य का आह्वान किया गया.